ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन
अगर पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की बात करें, तो ट्रस्टीज से संबंधित सभी नियम, उनके दायित्व, अधिकार, मैनेजमेंट का तरीका इत्यादि के विषय में ट्रस्ट डीड में लिखा जाता है। जाहिर है, यह बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। प्रत्येक ट्रस्ट डीड में ट्रस्टीज की न्यूनतम और अधिकतम संख्या का उल्लेख भी अवश्य किया जाता है। वैसे, आमतौर पर किसी भी ट्रस्ट में कम से कम दो ट्रस्टीज का होना आवश्यक है, जबकि अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। इसके अलावा, ट्रस्ट डीड में यह भी बताया जाता है कि ट्रस्ट बनाने का उद्देश्य क्या है, इसका प्रबंधन किस प्रकार किया जाएगा, ट्रस्टीज की नियुक्ति किस प्रकार होगी आदि। ट्रस्ट डीड पर दो गवाहों की उपस्थिति में ट्रस्टीज और सेटलर्स दोनों पक्षों को साइन करने चाहिए। यह डीड नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर तैयार की जाती है, जिनकी कीमत ट्रस्ट प्रॉपर्टी के मूल्य पर निर्भर करती है।
ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन
ट्रस्ट को वैधानिक स्वरूप देने के लिए इसे रजिस्टर्ड कराना चाहिए। इसके लिए आवेदन संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। इस ऐप्लिकेशन फॉर्म को चैरिटी कमिश्नर या नोटरी के क्षेत्रीय कार्यालय के अधीक्षक या क्षेत्रीय अधिकारी के सामने पेश करके आवेदक को इस पर साइन करने होते हैं। एप्लिकेशन फॉर्म के साथ ट्रस्ट डीड की कॉपी भी जमा की जाती है। साथ ही एक एफिडेविट और कंसेट लेटर भी देना होता है।
ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन
ट्रस्ट को वैधानिक स्वरूप देने के लिए इसे रजिस्टर्ड कराना चाहिए। इसके लिए आवेदन संबंधित क्षेत्र के अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। इस ऐप्लिकेशन फॉर्म को चैरिटी कमिश्नर या नोटरी के क्षेत्रीय कार्यालय के अधीक्षक या क्षेत्रीय अधिकारी के सामने पेश करके आवेदक को इस पर साइन करने होते हैं। एप्लिकेशन फॉर्म के साथ ट्रस्ट डीड की कॉपी भी जमा की जाती है। साथ ही एक एफिडेविट और कंसेट लेटर भी देना होता है।
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